“हे दानिय्येल, हे अति प्रिय पुरुष….. मैं अभी तेरे पास भेजा गया हूं।” (दानिय्येल 10:11)।

“हे दानिय्येल, हे अति प्रिय पुरुष….. मैं अभी तेरे पास भेजा गया हूं।” (दानिय्येल 10:11)।

भेजा गया इसलिए आया !

“हे दानिय्येल, हे अति प्रिय पुरुष….. मैं अभी तेरे पास भेजा गया हूं।” (दानिय्येल 10:11)।

इन शब्दों पर मनन करें “मैं अभी तेरे पास भेजा गया हूं।” परमेश्वर की आँखें हमें लगातार देखती रहतीं हैं। जब आप दुःख में होते हैं, परमेश्वर अपने स्वर्गदूतों को भेजकर आपको मजबूत बनाता है। इसी तरह, परमेश्वर द्वारा भेजा गया जिब्राईल दूत , जकर्याह के बुढ़ापे में उसके पास आया (लूका 1:19)।

एक गाँव में एक छोटे से चर्च का समर्पण था। चर्च का आंतरिक भाग कई विद्युत रोशनी से सजाया गया था, जबकि उन्हें जोड़ने वाले तार सभी जगह खुले में डले थे। समर्पण कार्यक्रम के अंत में, किसी ने अनजाने में एक तार को छू लिया और उस पर विद्युत प्रवाहित हो गया। फिर, भागदौड़ में, विद्युत प्रवाहित तार भीड़ पर गिर गये और उन सबको बहुत प्रभावित किया। उनमें से हर एक जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था। उसी समय, किसी ने मुख्य स्विच बंद कर दिया। कौन इतना निडर होकर मुख्य स्विच तक पहुंच सकता है और इतने लोगों को बचाने के लिए उसे छू सकता है इस सवाल का जवाब आज तक कोई नहीं जानता। मुझे महसूस होता है कि परमेश्वर के द्वारा भेजे गये एक स्वर्गदूत ने ही यह कार्य किया होगा।

पृथ्वी पर, आप परमेश्वर के परिवार में उसके बच्चों के रूप में रहते हैं। स्वर्ग के समान इस परिवार में, स्वर्गदूत आपकी मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। संकट के समय, स्वर्गदूत आपकी मदद करने के लिए तेजी से पहुंचते हैं। पौलुस प्रेरित कहता है, “मैं इसी कारण उस पिता के सामने घुटने टेकता हूं, जिससे स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है” (इफिसियों 3:14, 15)।

जब किसी व्यक्ति का पृथ्वी पर उद्धार होता है, तब ना केवल वह व्यक्ति खुशी मनाता है बल्कि परमेश्वर और उसके स्वर्गदूत भी आनंदित होते हैं। वे परमेश्वर के परिवार में उस व्यक्ति का स्वागत करते हैं। यीशु ने बताया था कि एक मन फिरानेवाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामने आनंद होता है (लूका 15: 7,10)।

हालाँकि कुर्नेलियस अन्यजाति का था, उसने परमेश्वर को स्वीकार किया और भक्ति के साथ बना रहा। परमेश्वर ने चाहा कि वह आत्मिक रूप से आगे बढ़े। उसको एक दिन दोपहर में स्पष्ट रूप से एक स्वर्गदूत का दर्शन दिखा जिसने कहा, “तेरी प्रार्थनाएं और तेरे दान स्मरण के लिए परमेश्वर के सामने पहुंचे हैं; और अब याफा में मनुष्य भेज कर शमौन को, जो पतरस कहलाता है, बुलवा ले… वह तुझे बताएगा कि तुझे क्या करना है”(प्रेरितों के काम 10: 4-6)।

परमेश्वर के प्यारे बच्चों, स्वर्गदूत परमेश्वर द्वारा भेजे गए होते हैं जो आपको अद्भुत रीति से मार्गदर्शन देते हैं।

ध्यान करने के लिए: “पर तुम सिय्योन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर, स्वर्गीय यरूशलेम, के पास और लाखोंस्वर्गदूतों…के पास आए हो” (इब्रानियों 12:22,24)।

आज की बाइबिल पढ़ने

सुबह – यशायाह : 39,40
संध्या – कुलुस्सियों : 4

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