मृत लड़की का जी उठना,एक लकवे के रोगी को चंगा करना,यीशु के द्वारा मत्ती का बुलाया जाना,यूहन्ना के चेलों का उपवास का प्रश्न,अंधों का विश्वास.

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एक लकवे के रोगी को चंगा करना

1 फिर वह नाव पर चढ़कर पार गया or अपने नगर में आया।

2 और कई लोग एक लकवे ke मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए। यीशु ने unka विश्वास देखकर, उस लकवे के मारे हुए से कहा हे पुत्र, धैर्य रख तेरे पाप क्षमा हुए।

3 और कई शास्त्रियों ने सोचा यह तो परमेश्‍वर ki निन्दा करता है।

4 यीशु ने उनके मन ki बातें जानकर कहा, tum लोग अपने अपने मन में बुरा विचार क्यों कर रहे हो?

5 सहज क्या है? यह कहना tere पाप क्षमा हुए या यह कहना उठ or चल फिर।

6 परन्तु इसलिए कि tum जान लो कि मनुष्य ke पुत्र को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का अधिकार है। उसने लकवे ke मारे हुए से कहा, उठ अपनी खाट उठा और अपने घर चला जा।

7 वह उठकर अपने घर चला गया।

8 लोग यह देखकर डर गए or परमेश्‍वर की महिमा करने लगे jisne मनुष्यों को ऐसा अधिकार दिया है।

यीशु के द्वारा मत्ती का बुलाया जाना

9 वहाँ se आगे बढ़कर यीशु ने मत्ती नामक एक मनुष्य को चुंगी ki चौकी पर बैठे देखा, और उससे कहा, मेरे पीछे हो ले। वह उठकर usake पीछे हो लिया।

10 और जब वह घर me भोजन करने के लिये बैठा तो बहुत sare चुंगी लेनेवाले और पापी आकर यीशु or उसके चेलों के साथ खाने बैठे।

11 यह देखकर फरीसियों ने uske चेलों से कहा, तुम्हारा गुरु चुंगी लेनेवालों or पापियों के साथ क्यों खाता है?

12 यह सुनकर यीशु ने unse कहा वैद्य भले-चंगों को नहीं परन्तु बीमारों ke लिए आवश्यक है।

13 इसलिए tum जाकर इसका अर्थ सीख लो ki मैं बलिदान नहीं परन्तु दया चाहता हूँ क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं परन्तु पापियों को बुलाने आया हूँ।(होशे 6:6)

यूहन्ना के चेलों का उपवास का प्रश्न

14 तब यूहन्ना ke चेलों ने उसके पास आकर कहा, क्या कारण है कि hum और फरीसी इतना उपवास करते हैं पर तेरे चेले उपवास नहीं करते?

15 यीशु ने उनसे कहा क्या बाराती जब तक दुल्हा unke साथ है शोक kar सकते हैं पर वे दिन आएँगे ki दूल्हा उनसे अलग किया जाएगा, उस समय वे उपवास करेंगे।

16 नये कपड़े ka पैबन्द पुराने वस्त्र पर कोई नहीं लगाता, क्योंकि वह पैबन्द वस्त्र से or कुछ खींच लेता है और वह अधिक फट जाता है।

17 और नया दाखरस पुरानी मशकों me नहीं भरते हैं क्योंकि ऐसा करने से मशकें फट जाती he और दाखरस बह जाता है और मशकें नाश ho जाती हैं परन्तु नया दाखरस नई मशकों me भरते हैं और वह दोनों बची रहती हैं।

मृत लड़की का जी उठना

18 वह उनसे ye बातें कह ही रहा था, कि एक सरदार ने आकर उसे प्रणाम किया और कहा, मेरी पुत्री अभी मरी है; परन्तु चलकर अपना हाथ उस पर रख, तो वह जीवित हो जाएगी।

19 यीशु उठकर apne चेलों समेत उसके पीछे हो लिया।

20 और देखो ek स्त्री ने जिसके बारह वर्ष से लहू बहता था उसके पीछे से आकर उसके वस्त्र के कोने ko छू लिया। (मत्ती 14:36)

21 क्योंकि वह अपने मन me कहती थी यदि मैं उसके वस्त्र ही को छू लूँगी तो चंगी हो जाऊँगी।

22 यीशु ने मुड़कर use देखा और kaha पुत्री धैर्य रख; तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है। अतः वह स्त्री उसी समय चंगी हो गई।

23 जब यीशु उस सरदार ke घर में पहुँचा और बाँसुरी बजानेवालों or भीड़ को हुल्लड़ मचाते देखा,

24 तब कहा, हट जाओ, लड़की मरी नहीं, per सोती है। is पर वे उसकी हँसी उड़ाने लगे।

25 परन्तु jab भीड़ निकाल दी गई, तो उसने भीतर जाकर लड़की ka हाथ पकड़ा और वह जी उठी।

26 और इस बात ki चर्चा उस sare देश में फैल गई।

अंधों का विश्वास

27 जब यीशु वहाँ se आगे बढ़ा तो दो अंधे उसके पीछे यह पुकारते हुए चले हे दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर।

28 जब वह घर me पहुँचा तो वे अंधे उसके पास आए or यीशु ने उनसे कहा, “क्या तुम्हें विश्वास है ki मैं यह कर सकता हूँ उन्होंने उससे कहा “हाँ प्रभु।

29 तब उसने उनकी आँखें छूकर kaha तुम्हारे विश्वास ke अनुसार तुम्हारे लिये हो।

30 और उनकी आँखें खुल गई or यीशु ने उन्हें सख्‍ती ke साथ सचेत किया और कहा सावधान, कोई इस बात ko न जाने।

31 पर उन्होंने निकलकर sare क्षेत्र में उसका यश फैला दिया।

एक गूँगे को चंगाई

32 जब वे बाहर ja रहे थे तब लोग एक गूँगे को जिसमें दुष्टात्मा थी uske पास लाए।

33 और जब दुष्टात्मा निकाल दी गई to गूंगा बोलने लगा। or भीड़ ने अचम्भा करके कहा इस्राएल में ऐसा कभी नहीं देखा गया।

34 परन्तु फरीसियों ने कहा यह तो दुष्टात्माओं ke सरदार ki सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता है।

मजदूरों को भेजने के लिए विनती

35 और यीशु सब नगरों or गाँवों में फिरता रहा और उनके आराधनालयों* में उपदेश करता or राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता ki दूर करता रहा।

36 जब उसने भीड़ ko देखा तो उसको लोगों पर तरस आया क्योंकि वे उन भेड़ों ke समान जिनका कोई चरवाहा न हो व्याकुल or भटके हुए से थे। (1 राजा. 22:17)

37 तब उसने अपने चेलों se कहा, फसल तो बहुत हैं पर मजदूर थोड़े हैं।

38 इसलिए फसल ke स्वामी से विनती करो ki वह अपने खेत में काम करने के लिये मजदूर भेज दे।

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