आनेवाला कठिन समय,किस से डरे? यीशु को स्वीकार या अस्वीकार करना.

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बारह प्रेरित

1 फिर उसने अपने बारह चेलों ko पास बुलाकर उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया ki उन्हें निकालें or सब प्रकार की बीमारियों और सब प्रकार की दुर्बलताओं ko दूर करें।

2 in बारह प्रेरितों ke नाम ये he पहला शमौन jo पतरस कहलाता है or उसका bhai अन्द्रियास जब्दी का पुत्र याकूब or उसका bhai यूहन्ना

3 फिलिप्पुस और बरतुल्मै थोमा or चुंगी lenevala मत्ती, हलफईस ka पुत्र याकूब और तद्दै।

4 शमौन कनानी और यहूदा इस्करियोती, जिसने use पकड़वाया।

चेलों को सेवा के लिए भेजा जाना

5 इन बारहों ko यीशु ने यह निर्देश देकर भेजा, अन्यजातियों की or न जाना, और सामरियों ke किसी नगर में प्रवेश न करना। (यिर्म. 50:6)

6 परन्तु इस्राएल के घराने ही ki खोई हुई भेड़ों के पास जाना।

7 और चलते-चलते प्रचार karke कहो कि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है।

8 बीमारों ko चंगा करो मरे हुओं को जिलाओ, कोढ़ियों koशुद्ध करो, दुष्टात्माओं ko निकालो। तुम ने set -मेंत पाया है, सेंत-मेंत दो।

9 अपने बटुवो me न तो सोना or न रूपा, और न तांबा रखना।

10 मार्ग ke लिये न झोली रखो न दो कुर्ता, न जूते or न लाठी लो, क्योंकि मजदूर को uska भोजन मिलना चाहिए।

11 जिस किसी नगर या गाँव me जाओ तो पता लगाओ ki वहाँ कौन योग्य है और जब तक वहाँ se न निकलो उसी ke यहाँ रहो।

12 और घर me प्रवेश करते हुए उसे आशीष देना।

13 यदि उस घर ke लोग योग्य होंगे तो तुम्हारा कल्याण un पर पहुँचेगा परन्तु यदि वे योग्य न ho तो तुम्हारा कल्याण तुम्हारे पास लौट आएगा।

14 और जो कोई तुम्हें ग्रहण न kare और तुम्हारी बातें न सुने us घर या उस नगर से निकलते हुए अपने पाँवों ki धूल झाड़ डालो।

15 मैं तुम से सच कहता हूँ ki न्याय के दिन us नगर की दशा से सदोम और अमोरा के नगरों ki दशा अधिक सहने योग्य होगी।

आनेवाला कठिन समय

16 देखो me तुम्हें भेड़ों की तरह भेड़ियों के बीच में भेजता हूँ इसलिए साँपों ki तरह बुद्धिमान or कबूतरों की तरह भोले बनो।

17 परन्तु लोगों se सावधान रहो क्योंकि वे तुम्हें सभाओं में सौंपेंगे or अपने आराधनालयों में तुम्हें कोड़े मारेंगे।

18 तुम मेरे लिये राज्यपालों or राजाओं के सामने उन पर, और अन्यजातियों पर गवाह होने ke लिये पेश किये जाओगे।

19 जब वे तुम्हें पकड़वाएँगे तो यह चिन्ता न karna कि तुम कैसे बोलोगे or क्‍या कहोगे क्योंकि जो कुछ तुम ko कहना होगा, वह उसी समय तुम्हें बता दिया जाएगा।

20 क्योंकि बोलनेवाले tum नहीं हो परन्तु तुम्हारे पिता ka आत्मा तुम्हारे द्वारा बोलेगा।

21 भाई अपने भाई को or पिता अपने पुत्र को मरने ke लिये सौंपेंगे और बच्चे माता-पिता ke विरोध में उठकर उन्हें मरवा डालेंगे। (मीका 7:6)

22 मेरे नाम ke कारण सब लोग तुम से बैर करेंगे, पर jo अन्त तक धीरज धरेगा उसी का उद्धार होगा।

23 जब वे तुम्हें ek नगर में सताएँ, तो दूसरे को भाग जाना। मैं tum से सच कहता हूँ, तुम मनुष्य के पुत्र के आने से पहले इस्राएल ke सब नगरों में से गए भी न होंगे।

चेला होने का अर्थ

24 चेला अपने गुरु से बड़ा नहीं or न ही दास अपने स्वामी से।

25 चेले का गुरु के or दास का स्वामी के बराबर होना ही बहुत है जब उन्होंने घर के स्वामी ko शैतान कहा तो उसके घरवालों ko क्यों न कहेंगे?

किस से डरे?

26 इसलिए unse मत डरना क्योंकि कुछ ढँका नहीं जो खोला न जाएगा or न कुछ छिपा है jo जाना न जाएगा।

27 जो मैं तुम se अंधियारे में कहता हूँ, उसे उजियाले में कहोor जो कानों कान सुनते हो, उसे छतों पर से प्रचार करो।

28 जो शरीर ko मार सकते है, पर आत्मा को मार नहीं सकते, उनसे मत डरना पर उसी से डरो जो आत्मा or शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है।

29 क्या पैसे me दो गौरैये नहीं बिकती फिर भी तुम्हारे पिता ki इच्छा के बिना उनमें से ek भी भूमि पर नहीं गिर सकती।

30 तुम्हारे सिर ke बाल भी सब गिने हुए हैं। (लूका 12:7)

31 इसलिए डरो नहीं tum बहुत गौरैयों से बढ़कर मूल्यवान हो।

यीशु को स्वीकार या अस्वीकार करना

32 जो कोई मनुष्यों ke सामने मुझे मान लेगा उसे मैं भी apne स्वर्गीय पिता के सामने मान लूँगा।

33 पर जो कोई मनुष्यों ke सामने मेरा इन्कार करेगा use मैं भी अपने स्वर्गीय पिता के सामने इन्कार करूँगा।

34 यह न समझो ki मैं पृथ्वी पर मिलाप कराने ko आया हूँ मैं मिलाप कराने koनहीं, पर तलवार चलवाने आया हूँ।

35 मैं तो आया हूँ, कि मनुष्य को uske पिता से और बेटी को उसकी माँ से or बहू को उसकी सास से अलग कर दूँ।

36 मनुष्य के बैरी उसके घर ही ke लोग होंगे।

37 जो माता या पिता ko मुझसे अधिक प्रिय janta है वह मेरे योग्य नहीं और जो बेटा या बेटी ko मुझसे अधिक प्रिय जानता है वह मेरे योग्य नहीं। (लूका 14:26)

38 और जो अपना क्रूस लेकर mere पीछे न चले वह मेरे योग्य नहीं।

39 जो apne प्राण बचाता है वह उसे खोएगा or जो मेरे कारण अपना प्राण खोता है, वह उसे पाएगा।

प्रतिफल

40 जो तुम्हें ग्रहण करता he वह मुझे ग्रहण करता है और jo मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है।

41 जो भविष्यद्वक्ता ko भविष्यद्वक्ता जानकर ग्रहण करे, वह भविष्यद्वक्ता का बदला पाएगा or जो धर्मी जानकर धर्मी को ग्रहण करे, वह धर्मी ka बदला पाएगा।

42 जो कोई in छोटों में से ek को चेला जानकर केवल ek कटोरा ठण्डा पानी पिलाए, मैं तुम से सच कहता हूँ, वह apna पुरस्‍कार कभी नहीं खोएगा।

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